काल सर्प दोष एक विशेष ज्योतिषीय स्थिति है जो कुंडली में तब बनती है जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच फंस जाते हैं. इस दोष के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं और बाधाएं आती हैं. वैदिक ज्योतिष में इस दोष को अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है और इसके निवारण के लिए विशेष पूजा-अनुष्ठान की आवश्यकता होती है.
काल सर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं:
मानसिक अशांति और तनाव – व्यक्ति लगातार चिंता और अवसाद से ग्रस्त रहता है
विवाह में विलंब – शादी में रुकावट या वैवाहिक जीवन में कलह की स्थिति
आर्थिक समस्याएं – धन की कमी, वित्तीय अस्थिरता और कर्ज में वृद्धि
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां – आंख, कान और हृदय से जुड़ी समस्याएं
सपनों में सांप का दिखना – बार-बार सपने में सांप, सांप का काटना या गला घोंटने जैसे दृश्य
शिक्षा में बाधाएं – पढ़ाई में कठिनाई और एकाग्रता की कमी
करियर में रुकावट – नौकरी में समस्या और व्यवसाय में असफलता
सभी पूजा-अनुष्ठान पूर्ण रूप से शास्त्रसम्मत विधि से अनुभवी वेदाचार्यों द्वारा संपन्न किए जाते हैं।
कुंडली के अनुसार सटीक परामर्श एवं दोष-निवारण पूजा, जिससे निश्चित और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
ऑनलाइन एवं फोन के माध्यम से आसान पूजा बुकिंग, तिथि-मुहूर्त निर्धारण और संपूर्ण पूजा व्यवस्था एक ही स्थान पर।
स्वास्थ्य समस्याएं, चिड़चिड़ापन, धन की कमी
वित्तीय चुनौतियां, वाणी संबंधी समस्याएं, विरासत में दिक्कत
परिवार में विवाद, नौकरी की समस्या, उच्च शिक्षा में बाधा
व्यक्तिगत संबंधों में परेशानी, स्वास्थ्य मुद्दे
संतान संबंधी समस्याएं, रचनात्मकता में कमी
शत्रु वृद्धि, आत्म-सम्मान में कमी, अवसाद
संपत्ति संबंधी विवाद, तनाव
दुर्घटना का खतरा, छोटी आयु, वित्तीय परेशानी
कानूनी मामले, प्रतिष्ठा को नुकसान
व्यापार में हानि, सरकारी अधिकारियों से विवाद
आध्यात्मिक विकास में बाधा
मानसिक प्रताड़ना, कार्य पूर्णता में असफलता
काल सर्प दोष निवारण पूजा मन में शांति और सामंजस्य लाती है. यह पूजा अवसाद और चिंता को दूर करने में सहायक है, जो इस दोष के सबसे सामान्य दुष्प्रभाव हैं. पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक तनाव कम होता है.
यह पूजा वित्तीय और व्यावसायिक स्थिरता प्रदान करती है. व्यक्ति को धन प्राप्ति में सफलता मिलती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है. व्यापार में उन्नति होती है और करियर में प्रगति के रास्ते खुलते हैं.
विवाह में देरी की समस्या दूर होती है और वैवाहिक जीवन में शांति आती है. परिवार में सौहार्द बढ़ता है और संतान प्राप्ति में बाधाएं दूर होती हैं. संपत्ति और उत्तराधिकार से संबंधित मुद्दे सुलझ जाते हैं.
आंख, कान और हृदय की समस्याओं में कमी आती है. अचानक होने वाली बीमारियों से बचाव होता है. गंभीर चोट और असमय मृत्यु से रक्षा मिलती है.
पूजा के लिए सबसे पहले गणेश पूजा और पुण्यवचन किया जाता है. फिर मातृका पूजा और आयुष मंत्र जाप किया जाता है. कलश स्थापना करके देवताओं और कुल देवता का आवाहन किया जाता है.
नंदी श्राद्ध और आचार्य वरण के बाद प्राण प्रतिष्ठा और प्रधान मंडल पूजन होता है. राहु, केतु और सर्प गायत्री जाप किया जाता है. नवग्रह पूजा के बाद कलश के ऊपर शिवजी की आराधना की जाती है.
घी और काले तिल से हवन किया जाता है. रुद्राभिषेक और सर्प शांति होम के साथ काल सर्प दोष के प्रभाव को निष्प्रभावी किया जाता है. पूर्णाहुति के साथ पूजा समाप्त होती है और प्रसाद वितरण किया जाता है.
उज्जैन महाकाल की नगरी है और यहां काल सर्प दोष निवारण पूजा का विशेष महत्व है. उज्जैन की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और पवित्र वातावरण इस पूजा के लिए आदर्श स्थान बनाता है. जब इस पूजा को सच्ची श्रद्धा और जिम्मेदारी के साथ किया जाता है, तो यह व्यक्ति को काल सर्प दोष के नकारात्मक प्रभावों से मुक्त करने में मदद करती है.
पूजा पूर्ण होने में 2 से 3 घंटे का समय लगता है और यह एक दिन में संपन्न होती है. पूजा के लिए 2 पंडितों की आवश्यकता होती है. सीसा, तांबा और चांदी के सर्प चित्र, फूल, चंदन, घी, काले तिल और अन्य पूजा सामग्री की आवश्यकता होती है.
कुंडली में सर्प दोष पाए जाने पर तुरंत पूजा करवाएं
सांप के निवास स्थान को नुकसान पहुंचाने या हटाने से बचें
जानबूझकर या अनजाने में सांप को मारने या चोट पहुंचाने से बचें
नियमित रूप से सर्प देवता की पूजा करें
नाग पंचमी पर विशेष पूजा अर्चना करें
भक्ति रथ अनुष्ठान में अनुभवी और विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक विधि से काल सर्प दोष निवारण पूजा करवाई जाती है. हमारी टीम पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ यह पूजा संपन्न कराती है. उज्जैन की पावन भूमि पर महाकाल के सान्निध्य में की गई यह पूजा आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होगी.
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